
भारत ने चिकित्सा विज्ञान में इतिहास रच दिया है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने आज दिल्ली में CSIR-IGIB में “बिरसा 101” नाम की भारत की पहली स्वदेशी CRISPR जीन थेरेपी लॉन्च की जो सिकल सेल रोग को हमेशा के लिए खत्म कर देगी। यह थेरेपी महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित है जिनकी 150वीं जयंती हाल ही में मनाई गई। CSIR-IGIB ने यह तकनीक विकसित की है और इसका औपचारिक हस्तांतरण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को कर दिया गया है ताकि करोड़ों मरीजों तक सस्ता इलाज पहुंचे। मंत्री जी ने कहा कि बिरसा 101 के साथ भारत ने 2047 तक सिकल सेल मुक्त राष्ट्र बनने की यात्रा औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। विदेशों में एक मरीज का जीन थेरेपी खर्च 20-25 करोड़ रुपए है लेकिन भारतीय नवाचार कुछ लाख में ही इलाज मुहैया कराएगा। खासकर मध्य और पूर्वी भारत की जनजातियों को जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं उनके लिए यह वरदान साबित होगा। CRISPR को मंत्री जी ने “सटीक जेनेटिक सर्जरी” बताया जो गलत जीन को ठीक कर देती है। सीरम इंस्टीट्यूट के डॉ उमेश शालिग्राम ने कहा “दुनिया में जीन थेरेपी 3 मिलियन डॉलर से महंगी है अमीर भी नहीं करा पाते। हमारा मिशन सबसे गरीब तक भारतीय नवाचार पहुंचाना है। प्रधानमंत्री जी का 2047 का सपना हम जरूर पूरा करेंगे।” कार्यक्रम में नई रिसर्च फैसिलिटी का उद्घाटन भी हुआ और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की तारीफ की गई। यह साबित करता है कि भारत अब सिर्फ तकनीक अपनाता नहीं बल्कि बनाता भी है। दुनिया अब किफायती इलाज के लिए भारत की तरफ देखेगी।
भारत ने सिकल सेल एनीमिया को जड़ से खत्म करने वाली पहली स्वदेशी CRISPR जीन थेरेपी “बिरसा 101” लॉन्च की! भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित। 20-25 करोड़ का विदेशी इलाज अब कुछ लाख में। 2047 तक सिकल सेल मुक्त भारत का सपना सच होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें!
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