World Affairs

इराक का 2025 इलेक्शन: और राष्ट्रीय स्थिरता?

&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;theearthcurrent&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;11&sol;download-4-2&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-1587"&sol;><figcaption class&equals;"wp-element-caption">Signature&colon; 8dEDmQDsQZKH&plus;oGqLwL9KXsOX&sol;PS5YisX5WKRcc&sol;S1L6epEhySOWZr3k7arxToCuq45bUmDPq7jMgfkdWTVOr8AyioGCaV4YmU3a5v6qPe8cuoxXYAoWxwNj1WB5ZorwvOZiaXW41pLf6o&sol;W4p6qFc3hNnk&sol;CU5O8J1Uwvb&sol;Jmk&equals;<&sol;figcaption><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कल्पना करो&comma; इराक जैसे देश में 11 नवंबर 2025 को संसदीय इलेक्शन होने वाले हैं&comma; जहां 329 सीटें दांव पर हैं और लगभग 30 मिलियन वोटर तैयार हैं&comma; लेकिन ज्यादातर तो बस तमाशा देखने वाले। 2003 के अमेरिकी हमले के बाद छठा ये वोट&comma; मुक्तदा अल-सद्र के बॉयकॉट से हिल चुका है—उसका मूवमेंट 2021 में 73 सीटें जीत चुका था&comma; अब बाहर बैठकर विरोध जता रहा है। तेल की नदियां बह रही हैं&comma; लेकिन भ्रष्टाचार में डूबा ये सिस्टम&comma; जनता को नौकरियां&comma; बिजली&comma; पानी तक नसीब नहीं। 7700 से ज्यादा कैंडिडेट्स 31 गठबंधनों से मैदान में&comma; लेकिन असल खेल तो पैसे&comma; मिलिशिया की लाठियां और कबीले की लॉयल्टी का है। सुनो&comma; मैं बताता हूं कैसे वोट जीते जाते हैं&comma; कौन बाजी मार सकता है&comma; और ये रिजल्ट्स इराक की नाजुक शांति को कैसे उड़ा सकते हैं—या फिर बस पुरानी कहानी दोहरा देंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<h4 class&equals;"wp-block-heading">असल जंग&colon; इराक में वोट कैसे &&num;8216&semi;जीते&&num;8217&semi; जाते हैं&comma; पॉलिसी की तो बात ही छोड़ो<&sol;h4>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>देखो यार&comma; इराक का इलेक्शन सिस्टम 2005 कांस्टीट्यूशन से चला आ रहा है&comma; प्रोपोर्शनल रेप्रेजेंटेशन वाला&comma; जहां 18 गवर्नोरेट्स में वोटर पार्टी लिस्ट चुनते हैं और उसके अंदर कैंडिडेट रैंक कर सकते हैं—ओपन लिस्ट सिस्टम। सीटें सैंट-लाग्यू मेथड से बंटती हैं&comma; 1&period;7 डिवाइजर से छोटे ग्रुप्स को फायदा। 9 सीटें माइनॉरिटीज के लिए रिजर्व&comma; जैसे क्रिश्चियन और याजिदी। लेकिन ये सब थ्योरी है&comma; प्रैक्टिस में तो वोट मार्केट है&excl; बायोमेट्रिक कार्ड्स &dollar;100 में बिकते हैं सड़क पर&comma; आधा पैसे पहले&comma; बाकी वोट डालने के बाद—या फिर न डालने के लिए। प्राइम मिनिस्टर मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने तो कमाल कर दिया&comma; एक मिलियन नौकरियां बांटीं और 9000 प्रमोशन्स के थैंक्यू लेटर्स भेजे लॉयलिस्ट्स को&comma; प्रेसिडेंट रशीद ने इसे इलेक्शन चीटिंग कहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आर्मी और मिलिशिया वाले पहले वोट डालते हैं&comma; कमांडर्स की नजर में—ईरान-बैक्ड कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क &lpar;सीएफ&rpar; को फायदा। कबीले के लीडर्स को नकद लिफाफे&comma; सुन्नी कैंडिडेट राद अल-दुलैमी ने सूखे इलाकों में पानी की पाइपलाइन्स बिछाकर वोट खरीदे। सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर्स हजारों डॉलर लेते हैं पोस्ट के&comma; टिकटॉक पर प्रोपगैंडा चला रहे। पूर्व पीएम हैदर अल-आबादी ने साफ कहा&comma; पॉपुलैरिटी नहीं&comma; पैसा और धमकी काम करती है। ये बिलियनेयर्स का इलेक्शन है&comma; यूएस सैंक्शन्स से पैसा वापस आया घर&comma; सब खर्च हो रहा। शिया-शिया&comma; सुन्नी-सुन्नी&comma; कुर्द-कुर्द वोटिंग अभी भी बेस&comma; लेकिन 2019 की तीशरीन प्रोटेस्ट्स से सिविक रिफॉर्मर्स आ गए हैं&comma; जो कह रहे हैं काफी हुआ मुहाससा &lpar;सेक्टेरियन शेयरिंग&rpar; का।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<h4 class&equals;"wp-block-heading">बड़े खिलाड़ी&colon; कौन दांव पर लगा रहा है&comma; कौन बाहर हो गया<&sol;h4>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फील्ड बिखरा पड़ा है&comma; 38 पार्टियां&comma; 75 इंडिपेंडेंट्स। शिया सीएफ सबसे ताकतवर&comma; अलग-अलग लिस्ट्स से लड़ रहे ताकि ज्यादा सीटें पकड़ें&comma; बाद में जुट जाएंगे&colon; सुदानी का रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट 60 सीटें टारगेट कर रहा सर्विस डिलीवरी से&comma; नूरी अल-मलिकी का स्टेट ऑफ लॉ उसकी आर्मी से&comma; कायस अल-खजाली का आसाइब और हादी अल-अमेरी का बद्र मिलिशिया मसल से। साद्र का बॉयकॉट गेम-चेंजर&comma; 31 एमपीज बाहर&comma; लेकिन स्ट्रीट पावर बरकरार—राइवल्स की लेजिटिमेसी काटेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुन्नी में त्रिकोणीय जंग&colon; मोहम्मद अल-हल्बौसी का ताकद्दुम स्पीकर पावर से&comma; खमिस अल-खंजर का अल-सियादा अरब नेशनलिस्ट्स से&comma; मुथन्ना अल-समर्राई का अजम इंडिपेंडेंट्स से। कुर्द्स का भी वैसा ही बवाल&colon; मसूद बरजानी का केडीपी और बाफेल तलाबानी का पीयूके 23 सीटें चाहते&comma; लेकिन एरबिल बजट पर लड़ रहे&comma; फेडरल पावर कमजोर। इंडिपेंडेंट्स और अल-बदील &lpar;तीशरीन से&rpar; 20 सीटें सोच रहे&comma; लेकिन मिलिशिया की स्मीयर कैंपेन और बॉयकॉट से मुश्किल।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<h4 class&equals;"wp-block-heading">भविष्य की तस्वीर&colon; एलीट शफल या सड़क पर आग&quest;<&sol;h4>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुदानी की लिस्ट 50-60 सीटें लेगी&comma; लेकिन पीएम की कुर्सी पोस्ट-पोल डीलिंग से—224 दिन लगते हैं औसतन&comma; कोई विनर सीधा नहीं बैठा। सीएफ सुपरमेजॉरिटी बना सकता शिया यूनाइट से सुन्नी-कुर्द खरीदकर&comma; मिनिस्ट्रीज और 1000 स्पेशल पोस्ट्स लॉक। अच्छा सीनैरियो&colon; 2026 तक कंसेंसस कैबिनेट&comma; ऑयल मनी से सब शांत। बुरा&colon; बॉयकॉट से टर्नआउट 40&percnt; से नीचे&comma; लेजिटिमेसी खत्म—सुन्नी गुस्सा या कुर्द ऑटोनॉमी फाइट भड़क सकती। हैंग्ड पार्लियामेंट से बजट डिले&comma; ऑयल प्राइस गिरावट में फिस्कल क्राइसिस। तीशरीन अगर सरप्राइज दें तो रिफॉर्म पुश&comma; लेकिन कोहेजन की कमी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<h4 class&equals;"wp-block-heading">शांति की पतली डोर&colon; मिलिशिया पकड़&comma; ईरान कमजोर&comma; रिफॉर्म का भूत<&sol;h4>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इराक में शांति एलीट पैक्ट से टिकी&comma; रिफॉर्म के बदले ऑर्डर—2021 के ग्रीन जोन साइट से बच गए। स्मूथ वोट से यही चलेगा&comma; मिलिशिया जैसे आसाइब सड़कें कंट्रोल में रखेंगे धमकी से&comma; लेकिन सिविल सोसाइटी मरेगी&colon; सुन्नी कैंडिडेट सفا अल-मश्हदानी की हत्या जैसे केसेज डिसेंट दबाते। ईरान का असर कम&comma; इजराइल वॉर से हारा&comma; अब बगदाद यूएस इनवेस्टमेंट्स की तरफ झुकेगा&comma; पीएमएफ को स्टेट में घोलेंगे लेकिन मिलिशिया मिनिस्ट्रीज पर कब्जा रहेगा। लो लेजिटिमेसी से बवाल&colon; बॉयकॉट ट्रस्ट मारेंगे&comma; करप्शन वैश्विक बॉटम पर&comma; पानी-एनर्जी क्राइसिस फूटेंगे। एक्सपर्ट्स कहते&comma; मिलिशिया कंट्रोल स्टेटिस लाएगा&comma; प्रोग्रेस नहीं—तीशरीन डिमांड्स इग्नोर तो प्रोटेस्ट्स वापस। यूएस काउंटर-आइएसआईएस और सैंक्शन्स से पुश करेगा&comma; लेकिन ट्रांसपेरेंट फाइनेंस और इंसुलेटेड कमीशन्स न आएं तो शांति सिर्फ स्किन-डीप&comma; एक झगड़े से फट जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तीन दिन बाद पोल्स खुलेंगे&comma; क्या वोटर बॉय-ऑर-बॉयकॉट से निकल पाएंगे&quest; ये इलेक्शन पावर रीकैलिब्रेट करेगा या स्टेटस को बिना हिले&quest; कमेंट्स में बताओ भाई—इंडिपेंडेंट्स स्क्रिप्ट फ्लिप कर पाएंगे क्या&quest;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इराक के 2025 इलेक्शन में वोट खरीदने के गंदे खेल&comma; मिलिशिया की धमकियां और एलीट की सौदेबाजी—अंदरूनी राज खोलते हुए&comma; रिजल्ट्स की भविष्यवाणी और शांति के खतरे का खुलासा। मिडिल ईस्ट के दीवानों के लिए जबरदस्त पढ़ाई&excl;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इराक 2025 इलेक्शन वोट चालाकियां&comma; संसदीय सत्ता की लड़ाई&comma; शिया फ्रेमवर्क की जीत भविष्यवाणी&comma; इराक स्थिरता खतरा 2025&comma; मिडिल ईस्ट इलेक्शन हंगामा<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हैशटैग्स&colon;<&sol;strong> &num;इराकइलेक्शन2025 &num;वोटचुरानेकातरीके &num;शियापावरगेम &num;इराकशांति खतरा &num;मिडिलईस्टड्रामा<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><em>रिजनल इफेक्ट्स पर और&colon; 2025 के बाद मिडिल ईस्ट शिफ्ट्स&period;<&sol;em> <em>जरूरी पढ़ो&colon; ईरान की इराक पकड़ ढीली&period;<&sol;em><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><a href&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;facebook&period;com&sol;">Facebook<&sol;a><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><a href&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;linkedin&period;com&sol;in&sol;theearth-current-97919a38a&sol;">TheEarthCurrent &vert; LinkedIn<&sol;a><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><a href&equals;"https&colon;&sol;&sol;x&period;com&sol;home">Home &sol; X<&sol;a><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><a href&equals;"https&colon;&sol;&sol;www&period;instagram&period;com&sol;theearthcurrent">https&colon;&sol;&sol;www&period;instagram&period;com&sol;theearth<&sol;a><&sol;p>&NewLine;

TheEarthCurrent

I am Sharda, an environmental journalist and GIS analyst. I have worked on Jagdalpur-based projects using Sentinel and Landsat data to study water quality and land use. My interests particularly lie in ecotourism, water resources, and sustainable development solutions for local communities. My work is research-driven and field-verified — I have authored several articles, reports, and maps in collaboration with local administrations and NGOs. Recently, I conducted time-series analysis using Google Earth Engine to support environmental studies. Call to Action: If you are interested in collaboration or discussion on any project, feel free to contact me or click the subscribe button below.

Recent Posts

Washington Flooding Update 2025: 7 Powerful Facts About WA Floods, Road Closures and Skagit Evacuation Order

washington flooding 📘 Table of Contents Washington Flooding: Overview What Triggered the WA Floods Skagit…

1 month ago

Starlink India: 7 Stunning Reasons Why Musk’s Broadband Price Reveal Is a Game-Changer

starlink india satellite internet 📑 Table of Contents Introduction What Is Starlink India? Starlink India…

2 months ago

Google AI Data Deletion Scandal: 7 Shocking Facts After Google’s AI Deletes User’s Entire Hard Drive

google ai data deletion 🧭 TABLE OF CONTENTS Introduction What Is the Google AI Data…

2 months ago

IndiGo Chaos Explained: 7 Shocking Reasons Why IndiGo Is Canceling thousands of Flights in India (Must-Read Report)

IndiGo flight 📌 TABLE OF CONTENTS Introduction What Is Causing the IndiGo Chaos IndiGo Flight…

2 months ago

10 Powerful Insights About real betis vs barcelona Ahead of LaLiga Clash That Fans Must Know

real betis vs barcelona real betis vs barcelona LaLiga EA Sports Preview Betis Barcelona Analysis,…

2 months ago

10 Powerful Reasons Why Mission Impossible The Final Reckoning Is a Must Watch on OTT in India

Mission Impossible Final Mission Impossible The Final Reckoning Arrives on OTT in India When and…

2 months ago